*भगवान ऑफलाइन हैं*
भगवान ऑफलाइन हैं।
स्वर्गलोक का नेटवर्क ठप है,
जप-तप, ध्यान सब व्यर्थ हो गया
“यह नंबर वर्तमान में उपलब्ध नहीं है”
हर दिशा से यही उत्तर आया।
कहीं झुग्गियों में भूख से बिलबिलाते बच्चे
रात में तारे गिनते हैं
"हे भगवान!" कहकर आँखें मूँदते हैं,
पर ऊपर से कोई उत्तर नहीं आता।
एक माँ,
जिसका बेटा भीड़ की हिंसा में
“राम राम” कहता दम तोड़ गया,
आज भी तुलसी के नीचे बैठ
भगवान से केवल चुप्पी पाती है।
किसी किसान की बेटी
अपने आंगन में लुटती रही
चिल्लाई, “हे कृष्ण! मेरी लाज बचा लो!”
पर मुरली खामोश रही,
कैलाश शांति में डूबा रहा।
किसी दलित के आंगन में
काली रात उतरी
वो तड़पता रहा, “महाकाल, देखो न!”
पर त्रिनेत्र बंद रहा,
शिव ध्यानस्थ थे शायद।
कहीं औरत की चीखें
छत फाड़ बाहर आईं,
पर देवताओं की सभा
Noise Cancellation Mode में थी।
मैंने जनेऊ पहना, माथे पर तिलक लगाया,
हाथ जोड़े, आँखें मूँदीं
सोचा, अब द्वार खुल जाएगा...
पर स्वर्ग से उत्तर आया
"This Devotee is not in our Database."
माँ मन्नत का धागा बाँधती रही,
बेटी की शादी की आस लिए
पर लगता है अब कृपा
टोकन नंबर देखकर मिलती है।
अब लगता है
ईश्वर तक पहुँचने के लिए
आत्मा नहीं,
आधार कार्ड और पासवर्ड चाहिए।
मंदिर गया
दीप जलाया, घंटा बजाया,
पुजारी ने इशारा किया
“QR Code स्कैन कीजिए,
भगवान अब डिजिटल पेमेंट पर ही कृपा करते हैं।”
एक बाबा मिले, बोले
“अब दर्शन ‘Online Booking’ से होते हैं,
‘Mukti App’ डाउनलोड कीजिए,
Live Darshan Feed और Premium आरती Slot वहीं मिलेगा।”
मैंने हनुमान चालीसा पढ़ी,
रामरक्षा का पाठ किया
पर स्वर्ग के स्क्रीन पर लिखा था —
“Server Busy — Try Again Later”
शिव जी Meditation Mode में हैं,
विष्णु जी Auto Reply पर,
ब्रह्मा जी Terms & Conditions लिख रहे हैं।
नारद अब वीणा नहीं बजाते
वे भक्तों से Feedback Form भरवाते हैं:
“भक्ति कैसी लगी?
1 से 5 स्टार दें,
कृपया सुझाव नीचे लिखें।”
किसी ने कथा YouTube पर सुनी,
फिर कहा — “भगवान, Like कर दिया है,
अब कृपा कर दो, नौकरी लगवा दो।”
अब लोग आरती में Filter लगाते हैं,
लाइक्स और Views से
भक्ति का माप निकलता है।
देवता अब
लड्डू से नहीं,
Follower Count से प्रसन्न होते हैं
“5 हज़ार पर कृपा,
10 हज़ार पर वरदान।”
साधु बोले
“अगर कृपा चाहिए तो Trending बनो!
भगवान भी अब वो ही Reel देखते हैं
जो 30 सेकंड में मन मोह ले।”
अब गीता भी
ई-बुक में बिक रही है,
भक्ति अब EMI पर उपलब्ध है,
और मोक्ष के टोकन
Shopping Festival में मिलते हैं।
अब सोच रहा हूँ
शायद भगवान भी
किसी Customer Support टीम को आदेश दे रहे हों
“जो सच्चे हैं
उन्हें Priority Queue में डाल दो।
बाकी सबको Hold पर रखो —
और कह दो,
‘Your bhakti is important to us… please wait.’”
-देवेंद्र प्रताप वर्मा 'विनीत'
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